श्री भार्गव पंचांगउत्तरी अमेरिका

पाठ के लिए

भक्ति पाठBhakti Patha

परम्परा के सदियों पुराने शब्द, ऐसे सजाए गए कि पूजा करते हुए साथ-साथ पढ़े जा सकें: बड़े अक्षर, नीचे रोमन उच्चारण, और आपकी भाषा में अर्थ।

नित्य श्लोक

पूजा, हवन और व्रत

गुरु वन्दनाआरती साईबाबा। सौख्यदातार जीवा। चरणरजातळीं। द्यावा दासा विसावा, भक्तां विसावा॥गुरु के सम्मान में श्लोक और आरतियाँ, जो साधक को प्रकाश की ओर मोड़ते हैं।

देवता अनुसार

शब्द परम्परा के हैं; अर्थ और मार्गदर्शन राजीव भार्गव, Ph.D. के।