श्री भार्गव पंचांगउत्तरी अमेरिका

2026

विक्रम संवत् 2082 → 2083 · नया संवत् 19 मार्च से
यह वर्ष मेरे कैलेंडर में जोड़ें
अगला पर्व दुर्गा अष्टमीDurga Ashtami 18 अक्टूबर · 5 दिन में
31पर्व
23एकादशियाँ
11पूर्णिमाएँ
3यहाँ दृश्य ग्रहण

2026 के चांद्र मास, अनुपात में

जनवरी

पौष → माघPauṣa → Māgha 14मकर संक्रांतिMakar Sankranti23वसंत पंचमीVasant Panchami

फ़रवरी

माघ → फाल्गुनMāgha → Phālguna 13कुंभ संक्रांतिKumbha Sankranti15महा शिवरात्रिMaha Shivratri

मार्च

फाल्गुन → चैत्रPhālguna → Caitra 2होलिका दहन · होलीHolika Dahan · Holi15मीन संक्रांतिMeena Sankranti19चैत्र नवरात्रि आरंभChaitra Navratri begins25चैत्र अष्टमीChaitra Ashtami26राम नवमीRam Navami

अप्रैल

चैत्र → वैशाखCaitra → Vaiśākha 1हनुमान जयंतीHanuman Jayanti14मेष संक्रांति (सौर नववर्ष)Mesha Sankranti (Solar New Year)19अक्षय तृतीयाAkshaya Tritiya

मई

वैशाख → ज्येष्ठVaiśākha → Jyeṣṭha 1बुद्ध पूर्णिमाBuddha Purnima15वृषभ संक्रांतिVrishabha Sankranti

जून

ज्येष्ठ → आषाढJyeṣṭha → Āṣāḍha 15मिथुन संक्रांतिMithuna Sankranti25निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi

जुलाई

आषाढ → श्रावणĀṣāḍha → Śrāvaṇa 17कर्क संक्रांतिKarka Sankranti24देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi29गुरु पूर्णिमाGuru Purnima

अगस्त

श्रावण → भाद्रपदŚrāvaṇa → Bhādrapada 17सिंह संक्रांतिSimha Sankranti27रक्षा बंधनRaksha Bandhan

सितंबर

भाद्रपद → आश्विनBhādrapada → Āśvina 4कृष्ण जन्माष्टमीKrishna Janmashtami14गणेश चतुर्थीGanesh Chaturthi17कन्या संक्रांतिKanya Sankranti25अनंत चतुर्दशीAnant Chaturdashi

अक्टूबर

यह महीना
आश्विन → कार्तिकĀśvina → Kārtika 10सर्व पितृ अमावस्याSarva Pitru Amavasya11शारदीय नवरात्रि आरंभSharadiya Navratri begins18दुर्गा अष्टमीDurga Ashtami19महा नवमीMaha Navami20विजयादशमी · दशहराVijayadashami · Dussehra25शरद पूर्णिमाSharad Purnima

नवंबर

कार्तिक → मार्गशीर्षKārtika → Mārgaśīrṣa 6धनतेरसDhanteras8दीपावली · लक्ष्मी पूजाDiwali · Lakshmi Puja9गोवर्धन पूजाGovardhan Puja10भाई दूजBhai Dooj15छठ पूजाChhath Puja17वृश्चिक संक्रांतिVrishchika Sankranti

दिसंबर

मार्गशीर्ष → पौषMārgaśīrṣa → Pauṣa 16धनु संक्रांतिDhanu Sankranti20गीता जयंतीGita Jayanti
चातुर्मास · चार पवित्र मास

120 में से 82वाँ दिन

24 जुल॰ से 20 नव॰ तक, 120 दिन व्रत के

  • आरंभ। देवशयनी एकादशी, जब विष्णु शेषनाग पर शयन करते हैं।
  • समापन। देवोत्थान एकादशी, जब वे जागते हैं; तुलसी विवाह होता है और विवाह का समय फिर खुलता है।
  • रुकते हैं। विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन और अन्य नए आरंभ।
  • लिए जाते हैं। एक व्रत: कोई एक भोजन छोड़ना, अधिक जप, कोई ग्रंथ आदि से अंत तक पढ़ना।
सिद्धार्थीSiddhārthin60 में से 53
संवत्सर · वर्ष का नाम

सिद्धार्थी Siddhārthin

“जिसके उद्देश्य सिद्ध हों” · साठ नामों वाले वर्ष एक चक्र में घूमते हैं — राशियों में बृहस्पति की बारह वर्ष की यात्रा के पाँच फेरे। हर विक्रम वर्ष का एक नाम है, जिसे उस वर्ष का स्वभाव माना जाता है।

विक्रम 2082 · कालयुक्त — “काल से युक्त”18 मार्च तक
विक्रम 2083 · सिद्धार्थी — “जिसके उद्देश्य सिद्ध हों”19 मार्च से

उत्तर भारतीय विक्रम गणना के अनुसार नाम (विक्रम 2080 नल था)।

छह ऋतुएँ

सूर्य का वर्ष, छह ऋतुओं में

उत्तरायण · सूर्य उत्तर की ओरदक्षिणायन · सूर्य दक्षिण की ओर
हेमन्तHemantaशिशिरŚiśiraवसन्तVasantaग्रीष्मGrīṣmaवर्षाVarṣāशरद्Śaradहेमन्तHemanta
जफ़माअमजूजुअसिअनदि
शिशिर Śiśiraशिशिर · 14 जन॰

मकर संक्रान्ति पर सूर्य उत्तरायण; माघ के प्रातः स्नान।

वसन्त Vasantaवसंत · 15 मार्च

चैत्र में नव वर्ष; आरंभ की ऋतु।

ग्रीष्म Grīṣmaगर्मी · 15 मई

लंबे दिन; जल-दान — द्वार पर घड़ा, पथिक को पानी।

वर्षा Varṣāवर्षा · 17 जुल॰

चातुर्मास आरंभ: व्रत, स्वाध्याय और घर के पास रहना।

शरद् Śaradशरद · 17 सित॰

निर्मल आकाश, उजले चन्द्र: पितृ पक्ष, नवरात्र, शरद पूर्णिमा।

हेमन्त Hemantaहेमंत · 17 नव॰

कार्तिक के दीप और दीपावली; विवाह का समय फिर खुलता है।

ऋतुएँ निरयन राशियों में सूर्य के साथ चलती हैं, हर ऋतु में दो राशियाँ, जैसे भारत में गिनी जाती हैं। आपके नगर का मौसम अपना पंचांग स्वयं रखता है।