श्री भार्गव पंचांगउत्तरी अमेरिका
मंगलवार · Maṅgalavāra

13 अक्टूबर

आश्विन शुक्ल तृतीया
Āśvina Śukla Tṛtīyā
विक्रम संवत् 2083 · टोरंटो के लिए गणना
आज का पर्व नवरात्रि — नौ में से 3वीं रात्रिमाँ चन्द्रघण्टा आज की विधि ↓

शुक्ल तृतीया

Śukla Tṛtīyā

चंद्रमा 10% प्रकाशित · बढ़ता

तिथि — चांद्र दिवस शुक्ल तृतीयाŚukla Tṛtīyā 1:58 pm तक
नक्षत्र — चंद्रमा कहाँ खड़ा है विशाखाViśākhā 4:12 pm तक
दिन की अवधि 11 घं 9 मि सूर्योदय 7:29 am · सूर्यास्त 6:37 pm
अगला शुभ चर · 10:16 amCara 10:16 am – 11:39 am

आज घर में

गृहस्थ

दिन उसी क्रम में जिसमें उसे निभाया जाता है, प्रातः से रात्रि तक — हर समय टोरंटो के लिए गणित।

  1. दिन भर

    नवरात्रि — नौ में से 3वीं रात्रि

    • व्रत जारी; बहुत लोग नौ दिन रखते हैं, कुछ केवल पहला और अंतिम।
    • खेतड़ी को जल दें, और दीप जलाए रखें।
    • फल, दूध और व्रत का आटा; साधारण नमक नहीं, सेंधा नमक।
  2. 5:46 amब्रह्म मुहूर्त

    उठें और पूजा करें

    नवरात्रि, दिन 3: माँ चन्द्रघण्टा

    ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

    मंगलवार हनुमान और मंगल को समर्पित है

    ॐ हनुमते नमः

    क्यों पूजा दिन की संधियों पर होती है — प्रातः, मध्याह्न और संध्या, तीन संध्याएँ — जब दिन का एक भाग दूसरे को सौंपता है।

  3. 7:29 amसूर्योदय

    घर से निकलने से पहले

    आज उत्तर दिशा की ओर यात्रा आरंभ न करें।

    क्यों दिशा शूल — हर वार की एक दिशा होती है जिसकी ओर परंपरा यात्रा आरंभ न करने को कहती है। यदि रास्ता उसी ओर हो, तो पहले कुछ कदम दूसरी दिशा में चलें, फिर निकलें।

  4. 12:41 pmअभिजित्
    1:25 pm तक

    कोई भी महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ करने का श्रेष्ठ समय

    क्यों अभिजित् स्थानीय मध्याह्न के आसपास का मुहूर्त है, जो कार्य, यात्रा या खरीद आरंभ करने के लिए शुभ माना जाता है।

  5. 6:37 pmप्रदोष काल
    9:01 pm तक

    संध्या पूजा और दीपक

    • आज की आरती 6:37 pm – 9:01 pm पर।
  6. व्रत खोलना

    • नवरात्रि — संध्या पूजा के बाद, सूर्यास्त (6:37 pm) के पश्चात एक बार भोजन। नौ रात्रियों का व्रत दशमी, मंगल, 20 अक्टू॰ को प्रातः पूजा के बाद खोला जाता है।

    साप्ताहिक व्रत रखने वालों के लिए: मंगलवार व्रत, हनुमान के लिए — सूर्यास्त (6:37 pm) के बाद एक बार भोजन, प्रायः बिना नमक।

    क्यों व्रत भूख नहीं, संकल्प है: उसे कब और कैसे खोला जाए, यह व्रत जितना ही महत्त्वपूर्ण है।

जीवित परंपरा के रूप में रखा गया। जहाँ कोई घर किसी अन्य मत का अनुसरण करता है, वही गणना मान्य है।

आज एक नज़र में

शुभ · अशुभ
✓ आज शुभ
  • पूजा और जपपूरे दिन · ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोष में श्रेष्ठ
  • कोई महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभअभिजित् · 12:41 pm – 1:25 pm
  • खरीद या सौदा11:39 am – 2:26 pm
  • यात्राउत्तर को छोड़ किसी भी दिशा में
✕ आज टालें
  • राहु काल में नया आरंभ3:50 pm – 5:14 pm
  • यमगण्ड में नया आरंभ10:16 am – 11:39 am
  • गुलिक काल में नया आरंभ1:03 pm – 2:26 pm
  • उत्तर दिशा की ओर यात्रा आरंभआज दिशा शूल
  • भद्रा (विष्टि) में कोई नया कार्य2:47 am बुध – 3:43 pm बुध

दिन, घड़ी-घड़ी

प्रहर
दिन की अवधि 11 घं 9 मि · हर स्तंभ एक घंटा है, 5:00 am से 5:00 am तक।
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ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhūrta5:46 am – 6:37 amप्रार्थना और अध्ययन, जब मन शांत हो
यमगण्डYamagaṇḍa10:16 am – 11:39 amनए आरंभ के लिए टालें
अभिजित्Abhijit12:41 pm – 1:25 pmकोई भी कार्य आरंभ करने का श्रेष्ठ समय
गुलिक कालGulika Kāla1:03 pm – 2:26 pmयहाँ आरंभ हुआ कार्य दोहराया जाता है
राहु कालRāhu Kāla3:50 pm – 5:14 pmसबसे अधिक टाला जाने वाला समय
प्रदोष कालPradoṣa Kāla6:37 pm – 9:01 pmसंध्या पूजा, दीपक, शिव

दिन के सोलह भाग

चौघड़िया
आठ सूर्योदय से, आठ सूर्यास्त से
सूर्योदय से · 7:29 am
7:29 am – 8:52 amरोगRogaरोग — टालें
8:52 am – 10:16 amउद्वेगUdvegaउद्वेग — केवल सरकारी कार्य
10:16 am – 11:39 amचरCaraचर — यात्रा, बाहर जाना
11:39 am – 1:03 pmलाभLābhaलाभ — व्यापार, अध्ययन, खरीद
1:03 pm – 2:26 pmअमृतAmṛtaअमृत — हर कार्य के लिए शुभ
2:26 pm – 3:50 pmकालKālaकाल — टालें
3:50 pm – 5:14 pmशुभŚubhaशुभ — संस्कार, पूजा
5:14 pm – 6:37 pmरोगRogaरोग — टालें
सूर्यास्त से · 6:37 pm
6:37 pm – 8:14 pmकालKālaकाल — टालें
8:14 pm – 9:50 pmशुभŚubhaशुभ — संस्कार, पूजा
9:50 pm – 11:27 pmरोगRogaरोग — टालें
11:27 pm – 1:03 amउद्वेगUdvegaउद्वेग — केवल सरकारी कार्य
1:03 am – 2:40 amचरCaraचर — यात्रा, बाहर जाना
2:40 am – 4:17 amलाभLābhaलाभ — व्यापार, अध्ययन, खरीद
4:17 am – 5:53 amअमृतAmṛtaअमृत — हर कार्य के लिए शुभ
5:53 am – 7:30 amकालKālaकाल — टालें

आज आकाश क्या मापता है

पञ्चाङ्ग
13अक्टूबर तृतीया तिथि मंगलवार वार विशाखा नक्षत्र प्रीति योग गर करण
१
तिथि — चांद्र दिवस

शुक्ल तृतीया Śukla Tṛtīyā

1:58 pm तक · फिर शुक्ल चतुर्थी

क्यों चंद्रमा का अपना दिन — हर व्रत और पर्व की तिथि इसी से तय होती है।

२
वार — सप्ताह का दिन

मंगलवार Maṅgalavāra

मङ्गल का दिन

क्यों हर दिन किसी ग्रह का होता है; उसकी उपासना उसी के अनुसार।

३
नक्षत्र — चंद्रमा कहाँ खड़ा है

विशाखा Viśākhā

4:12 pm तक · फिर अनुराधा

क्यों 27 नक्षत्रों में से एक, जिनसे होकर चंद्रमा चलता है — मुहूर्त का मूल।

४
योग — सूर्य और चंद्र एक साथ

प्रीति Prīti

10:52 am तक · फिर आयुष्मान्

क्यों सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति, दिन के स्वभाव के रूप में पढ़ी जाती है।

५
करण — आधी तिथि

गर Gara

1:58 pm तक · फिर वणिज

क्यों तिथि का आधा भाग; पाँच मापों में सबसे छोटा।

चंद्रमा

चन्द्र

8% प्रकाशित · बढ़ता

चंद्रोदय10:53 am
चंद्रास्त7:45 pm
चंद्र राशितुला Tulā12:34 am रवि से · 9:43 am को वृश्चिक में
नक्षत्रविशाखा Viśākhā4:12 pm तक

क्यों करवा चौथ, संकष्टी और पूर्णिमा के व्रत चंद्रोदय पर खुलते हैं; आपके राशिफल में चंद्र राशि ही पढ़ी जाती है।

ग्रहण

ग्रहणटोरंटो से दिखने वाला अगला ग्रहण

शनिवार, 20 फ़रवरी 2027 · उपच्छाया चंद्र ग्रहण

ग्रहण आरंभ5:51 pmमोक्ष8:13 pm

उपच्छाया ग्रहण: चंद्रमा केवल थोड़ा धुँधला होता है। इसमें सूतक नहीं लगता; समय देखने वालों के लिए दिए हैं।

क्यों केवल वही ग्रहण माना जाता है जो आपके नगर से दिखे। ग्रहण के दिन यह कार्ड पृष्ठ के ऊपर आ जाता है।

यह दिन साझा करें
मंगलवार, 13 अक्टूबर तृतीया · विशाखा राहु काल 3:50 pm – 5:14 pm · अभिजित् 12:41 pm panchang.ca · टोरंटो
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